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एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में आ गया कोर्ट का फैसला, कार न रोकने सिपाही ने मारी थी गोली

 Reported By: Vishal Singh,  Written By: Khushbu Rawal
 Published : Sep 17, 2026 06:12 pm IST,  Updated : Sep 17, 2026 06:13 pm IST

लखनऊ में एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में आज कोर्ट का फैसला आ गया है। लखनऊ कोर्ट ने मामले में सिपाही प्रशांत चौधरी को दोषी करार दिया है। विवेक तिवारी की 28 सितंबर 2018 की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

सिपाही प्रशांत चौधरी,...- India TV Hindi
सिपाही प्रशांत चौधरी, दूसरी तस्वीर विवेक तिवारी की है। Image Source : REPORTER INPUT

लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट ने सिपाही प्रशांत चौधरी को दोषी करार दिया है, जबकि दूसरे सिपाही संदीप कुमार को बरी कर दिया गया है। प्रशांत को गैर इरादतन हत्या में दोषी माना गया है। सजा का ऐलान 21 सितंबर को होगा।

बता दें कि एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की 28 सितंबर 2018 की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे यूपी में सनसनी मचा दी थी। मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार के खिलाफ केस चल रहा था। संदीप कुमार को इस हत्याकांड में सहआरोपी बनाया गया था। मामले में लखनऊ कोर्ट ने आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी को दोषी करार दिया है। वहीं, सह आरोपी संदीप कुमार को पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण बरी कर दिया है। 

क्या हुआ था 29 सितंबर 2028 की रात?

29 सितंबर की देर रात विवेक तिवारी अपनी सहकर्मी सना खान के साथ कार से लौट रहे थे। तभी गोमतीनगर एक्सटेंशन में मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने उन्हें रोकने का इशारा किया। विवेक तिवारी ने कार नहीं रोकी और जब वह नहीं रूके तो सिपाही प्रशांत तिवारी ने गोली चला दी। गोली विवेक तिवारी को लगी। उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल ले जाया गया, वहां उनकी मौत हो गई। वहीं, पुलिस की ओर से दावा किया गया कि सिपाहियों को टक्कर मारने की कोशिश की गई।

सिपाही ने डिवाइडर पर खड़े होकर मारी थी गोली 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक विवेक को लगी गोली ऊपर से नीचे की तरफ चलाई गई थी। वहीं पूर्व सहकर्मी सना का कहना था कि आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी ने एक से डेढ़ फुट ऊंचे डिवाइडर पर खड़े होकर गोली मारी थी। पुलिस की और से यही कहा जाता रहा था कि आरोपी ने अपने बचाव में गोली चलाई थी। 

8 साल इंतजार के बाद आया फैसला

घटना के बाद सना खान की तहरीर पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर सस्पेंड किया गया था। लखनऊ जिला जज कोर्ट ने आज मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया है। 8 साल बाद आए फैसले में आरोपी प्रशांत चौधरी को हत्या की जगह गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया है। 

वहीं, इस केस की चश्मदीद सना खान ने इंडिया टीवी से खास बातचीत में मर्डर की रात का पूरा सच बताया था। सना ने बताया कि सड़क पर आखिरी एक घंटे में क्या-क्या हुआ था। 

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